जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने विश्व बैंक द्वारा पोषित समेकित जलागम विकास परियोजना (आईडब्लूएमपी) योजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस योजना को महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए अधिकारियों से इसका लाभ हर ग्राम पंचायत तक पहुंचाने को कहा।
आईडब्लूएमपी योजना के तहत कृषि, वन विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग द्वारा निर्मित चेक डैम, चाल-खाल, नौले धारों के जीर्णोद्धार, मुर्गी पालन, मौन पालन, सुरक्षा दीवार, लघु सिंचाई नहर सुधारीकरण, पेयजल टैंक, सिंचाई टैंक निर्माण की प्रगति समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि योजना की गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता की परख के लिए जांच कमेटी गठित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर निर्मित योजनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। बैठक में विभागों द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया।
जिलाधिकारी ने वन विभाग द्वारा बनाए गए चाल खाल, सुरक्षा दीवार और चेक डैम पर संतोष व्यक्त करते हुए अन्य विभागों को उसी के अनुरूप कार्य करने की नसीहत दी। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने योजना से लाभान्वित ग्रामों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी एमबी सिंह, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या आदि मौजूद थे।