कपकोट के रिखाड़ी गांव में भालू ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से जख्मी ग्रामीण को जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर ऋषिकेश रेफर कर दिया गया है। ग्रामीणों ने भालू के हमले में जख्मी ग्रामीण के इलाज के लिए वन विभाग से आर्थिक मदद देने की मांग की है।
रिखाड़ी गांव के नाली तोक निवासी आन सिंह टाकुली (51) पुत्र स्व. महेंद्र सिंह मंगलवार को दोपहर 12.15 बजे गांव से जंगल की ओर जा रहे थे। घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर प्राथमिक विद्यालय के समीप भालू ने उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान वह खाई में गिर गए। ग्रामीणों ने गंभीर रूप से जख्मी आन सिंह को 108 की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार और टांके लगाने के बाद ग्रामीण को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। इधर, रेंजर राजेंद्र मेहरा ने बताया कि ग्रामीण को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
15 हजार से दो लाख तक मुआवजे का है प्रावधान
जंगली जानवरों के हमले में जख्मी होने पर 15 हजार रुपये से दो लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान है। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि जंगली जानवरों के हमले में सामान्य रूप से घायल होने पर 15 हजार रुपये, गंभीर घायल होने पर 50 हजार रुपये, आंशिक अपंग होने पर एक लाख रुपये और अपंग होने पर दो लाख रुपया मुआवजा दिया जाता है। मृतक को छह लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है।