जिले में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) का कार्यालय खुले आठ साल बीत गए, लेकिन व्यवस्था आज तक ढर्रे पर नहीं आ सकी है। न भवन है न अफसरों के पास वाहन।
26 में से 15 पद लंबे समय से रिक्त हैं। फिटनेस के लिए एआरआई भी नहीं है। अल्मोड़ा के एआरआई सप्ताह में एक दिन यहां बैठते हैं। इससे वाहन चालक परेशान हैं। उन्हें वाहनों की फिटनेस के लिए भटकना पड़ रहा है।
कांडा मार्ग के भागीरथी में किराए के भवन में वर्ष 2007 में सहायक परिवहन अधिकारी एआरटीओ कार्यालय की स्थापना हुई थी। तब से विभाग का अपना स्थायी भवन भी नहीं बन सका है। विभाग में 15 पद लंबे समय से खाली हैं।
इनमें सहायक संभागीय निरीक्षक प्राविधिक एआरआई, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, परिवहन कर अधिकारी प्रथम, द्वितीय, प्रशासनिक अधिकारी, लेखाकार, प्रधान सहायक का एक-एक पद, वरिष्ठ सहायक के दो पद, कनिष्ठ सहायक के चार, प्रवर्तन चालक, अनुसेवक के एक-एक पद लंबे से खाली चल रहे हैं।
रिक्त पदों के नहीं भरे जाने से जहां विभाग के काम समय पर नहीं निपट पा रहे हैं। वहीं वाहन चालकों और मालिकों को छोटे-छोटे काम के लिए कई-कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभाग के पास वर्ष 2013 से अपना वाहन नहीं है। इससे जहां वाहनों का औचक निरीक्षण का काम प्रभावित चल रहा है।
वहीं सरकार को साल में अनुमानित 31.53 लाख रुपये की राजस्व की हानि भी हो रही है। वाहन न होने का सीधा लाभ ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों, मालिकों, विभिन्न किस्म के टैक्सों में रोड टैक्स, गुड्स टैक्स और यात्री कर जमा नहीं करने वाले वाहन स्वामियों को मिल रहा है। जिले में कई सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है।
उनका संयुक्त निरीक्षण न होने के कारण सड़कें बड़े वाहन चलने के लिए पास नहीं हैं। विभाग में सहायक संभागीय निरीक्षक प्राविधिक (एआरआई) का पद लंबे समय से खाली होने के कारण वाहनों का फिटनेस का काम प्रभावित चल रहा है।
सप्ताह में एक दिन राज्य सड़क परिवहन निगम अल्मोड़ा के एआरआई को बुलाया जाता है। उनके पास भी अपने विभाग का काम अधिक होने के कारण वह यहां पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं। एआरआई न होने से वाहन स्वामियों को परेशानी हो रही हैं।