आपदा से सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान पर अधिकारियों से चर्चा करती डीएम।
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आपदा की मार से बागेश्वर जिले में सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक 16 करोड़ से अधिक का नुकसान दर्ज हो चुका है। सबसे ज्यादा सड़कों पर मार पड़ी है। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन और मलबा आने से 86 सड़कें, 41 पेयजल योजनाएं और 42 नहरें क्षतिग्रस्त हुई हैं। प्रशासन ने संबंधित विभागों से नुकसान की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को डीएम रंजना राजगुरु ने मानसून सत्र के दृष्टिगत विभागीय परिसम्पत्तियों को हुए नुकसान का जायजा लिया। समीक्षा में पाया गया कि कपकोट लोनिवि के 12, पीएमजीएसवाई कपकोट के 37, पीएमजीएसवाई बागेश्वर की सात और एडीबी की पांच सड़कों को नुकसान पहुंचा है। जल संस्थान की 41 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। सिंचाई विभाग बागेश्वर की 11 और कपकोट की 31 नहरें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा भूस्खलन से 33 केवी की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है।
डीएम ने संबंधित विभागों को नुकसान की मरम्मत के प्रस्ताव फोटो समेत तैयार कराने को कहा। इस दौरान सीडीओ एसएस पांगती, एडीएम राहुल गोयल, एसडीएम बागेश्वर राकेश चंद्र तिवारी, कपकोट के रवींद्र सिंह, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।