जिले में बैसाखी का पर्व श्रद्धा, भक्तिपूर्वक मनाया गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा, अर्चना कर पुण्य अर्जित किया। इधर सरयू, गोमती के पावन संगम पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जय घोष के साथ डुबकी लगाई। पौराणिक बागनाथ, काल भैरवनाथ, बाणेश्वर आदि मंदिरों में जलार्पण कर पुण्य अर्जित किया।
बैसाखी पर्व के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं मंदिरों में पूजा, अर्चना की। पौराणिक बागनाथ मंदिर में जलार्पण करने वालों का सुबह से ही तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने पंडितों से रुद्री पाठ करवाया। मंदिर के प्रधान पुजारी पूरन रावल के नेतृत्व में पुजारियों ने प्रसाद बांटा। पंडित हेम चंद्र जोशी ने बागनाथ जी की पूजा करवाई।
खीमानंद पंत ने भोग लगाया। उधर भद्रतुंग, तप्तकुंड, शिखर पर्वत स्थित श्री श्री 1008 मूल नारायण देव, भनार बंज्यैण, सनगाड़, पचार के नौलिंग, उधांण हरिनाग, विजयपुर धौलीनाग, कांडा कालिका मैया, अलकन्या बद्रीनाथ, सामण ग्वल, अग्निकुंड के हनुमान मंदिर आदि मंदिरों में पूजार्थियों का सुबह से ही तांता लगा रहा। लोगाें ने मीठे आटे के पकवान बनाकर अपने आराध्य को अर्पित करने के बाद पड़ोसियों को भी बांटा। लोगों ने मंदिरों में देश की सुख शांति, खुशहाली की कामना की।