भगवान बागनाथ की नगरी में जनवरी में शुरू होने वाले कुमाऊं के सुप्रसिद्ध उत्तरायणी मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार उत्तरायणी मेला समिति की यहां हुई बैठक में मेले के कार्यक्रम तय किए गए। मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए सभी को अभी से जुटने को कहा गया।
नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल की अध्यक्षता में तहसील सभागार में हुई बैठक में सबसे पहले नगर पालिका के ईओ ईश्वर सिंह रावत ने पिछले साल के मेले का आय-व्यय का ब्यौरा रखा। एसडीएम और मेलाधिकारी फिंचा राम चौहान ने बैठक में मेले के सफल संचालन के लिए 17 बिंदुओें को रखा।
जिस पर क्रमवार चर्चा हुई। पिछले साल के मेले की कमियों और समस्याओं को रखा और उनके निराकरण के लिए सुझाव भी दिए गए। बैठक में मेले को यादगार बनाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए वह अपने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा से करें। मेला संपन्न कराने में पालिका को पूरा सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने आरे द्यांगण बाईपास सड़क को मेले से पहले यातायात के लिए दुरुस्त करने के अलावा जिला मुख्यालय और इससे लगी सड़कों की शीघ्र मरम्मत करने के निर्देश दिए। बैठक में विकास प्रदर्शनी लगाने के लिए सीडीओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
सीओ धनी राम ने कहा कि मेले को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में फोर्स तैनात रहेगी। एसडीएम ने लोनिवि, सिंचाई, आरईएस विभागों को आपसी सामंजस्य बनाकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। खेल विभाग को चयनित खेल प्रतियोगिताओं की सूची शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। पिछले समय की तरह मेले में मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी, ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, पूर्व विधायक उमेद सिंह माजिला, सुनीता टम्टा, सुनील भंडारी, सुरेश कांडपाल, रघुवीर दफौटी, जयंत भाकुनी, विनोद भट्ट, नरेंद्र खेतवाल, रणजीत बोरा, इंद्र सिंह परिहार, भुवन कांडपाल, बसंत बल्लभ पांडे, हरीश सोनी, गौरव कठायत, प्रकाश जोशी, सज्जन लाल टम्टा और तहसीलदार पीएस मेहरा आदि मौजूद थे।