बागेश्वर। जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में शुक्रवार को बागेश्वर बाजार बंद रहा। लोगों ने जुलूस निकालकर डीडीए का पुतला फूंका। इस दौरान उन्होंने मांग से संबंधित ज्ञापन डीएम रंजना राजगुरु को सौंपा।
प्राधिकरण के विरोध में लोग प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रमोद मेहता के नेतृत्व में एकजुट हुए। उन्होंने नगर के कांडा रोड, दुगबाजार, सरयू पुल, एसबीआई तिराहा होकर गांधी मूर्ति कोतवाली तक रैली निकाली।
इस दौरान कई जगह आयोजित नुक्कड़ सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि प्राधिकरण दोहरा रवैया अपना रहा है। निजी लोगों को परेशान किया जा रहा है जबकि सरकारी कार्यालय/भवनों के निर्माण में प्राधिकरण कानून की अनदेखी हो रही है। मंडलसेरा भागीरथी बाइपास रोड पर भाजपा का कार्यालय बन रहा है, उस पर प्राधिकरण कोई कानूनी कार्यवाही नहीं कर रहा है। प्राधिकरण खराब मकानों की मरम्मत तक नहीं कर सकता है।
इस दौरान लोगों ने अधिवक्ताओं से एक दिन के लिए कार्य से विरत रहने और पब्लिक स्कूल एसोसिएशन से स्कूल बंद कर सहयोग की अपील की। सभा के अंत में मोर्चा ने डीडीए के उपाध्यक्ष, सचिव का पुतला फूंका और उनके निलंबन की भी मांग की गई। बताया कि मोर्चा की अगली बैठक आठ सितंबर को प्रकटेश्वर मंदिर सभागार में बैठक होगी। इसमें सभी सामाजिक संगठनों और जनमानस से बैठक में आने की अपील की गई। फड़ व्यवसायियों ने भी बंद का समर्थन किया।
ये लोग रहे मौजूद
रैली में मोर्चा के सचिव पंकज पांडे, सवाल संगठन के अध्यक्ष रमेश पांडे कृषक, कवि जोशी, जगदीश पाठक, अंकुर उपाध्याय, राजेंद्र उपाध्याय, सुरेश जोशी, सज्जन लाल टम्टा, गोकुल पांडे, दीवान सिंह हरड़िया, नवीन लोहनी, मनोज पांडे, भुवन चौबे, शरद साह आदि थे।
अधिवक्ताओं ने ज्ञापन सौंपा
बागेश्वर। अधिवक्ताओं ने डीडीए हटाने के लिए डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्राधिकरण के मानकों को सुधारने की मांग की गई। ज्ञापन में अध्यक्ष गोविंद भंडारी, मनोज जोशी, विनोद भट्ट, चंद्रशेखर कांडपाल, धन सिंह ठठोला, गोविंद प्रताप सिंह, नवल किशोर भट्ट, नरेंद्र सिंह कोरंगा, महेंद्र सिंह कनवाल, हरीश चंद्र जोशी आदि के हस्ताक्षर थे। ब्यूरो