नगर पालिका में गांवों को शामिल करने के बाद बागेश्वर नगर की आबादी करीब 40 हजार हो जाएगी। पालिका में शामिल होने से इन गांवों को भी सफाई, स्ट्रीट लाइट, सभी मोहल्लों तक पैदल मार्ग सहित तमाम नगरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
बागेश्वर नगर पालिका का आकार अभी बेहद छोटा है। पालिका होने के बावजूद यहां की आबादी मात्र 15 हजार के आसपास है।
नगर से सटे मजियाखेत, कठायतबाड़ा और सबसे अधिक आबादी वाला मंडलसेरा भी गांव क्षेत्र में ही आता है। नए प्रस्ताव के तहत मजियाखेत, कठायतबाड़ा, मंडलसेरा, सैंज, विनायक तिवारी, भागीरथी, गाड़गांव, ठाकुरद्वारा सहित नगर से लगे 21 गांवों को नगर पालिका में शामिल करने की योजना है। इसके तहत तीन किमी दूरी पर स्थित बिलौना गांव को भी पालिका में शामिल किया जाएगा।
इसके बाद जहां नगर की आबादी बढ़कर 40 हजार हो जाएगी, वहीं नगर पालिका का दायरा बढ़कर सात किलोमीटर का हो जाएगा। नगर पालिका बनने से इन गांवों में सुविधाएं भी बढ़ेंगी। रात्रि पथ प्रकाश, पैदल मार्ग और कूड़ा निस्तारण जैसी समस्याओं से लोगों को दो-चार नहीं होना पड़ेगा। सामाजिक कार्यकर्ता हेम कांडपाल का कहना है कि जिस तेजी से शहर का विस्तारीकरण हो रहा है, उस हिसाब से गांवों को नगर पालिका में शामिल किया जाना जरूरी है। इससे गांवों में भी जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
विरोध में पंचायत प्रतिनिधि
ग्राम प्रधान नवीन ममगई और गिरीश टंगड़िया का कहना है कि नगरपालिका में शामिल होने से गांवों को सुविधा के बजाय नुकसान अधिक उठाना पड़ेगा। सभी लोगों को कर देने पड़ेंगे। जो क्षेत्र अभी तक शहर में शामिल हैं उन्हीं में विकास नहीं हो पाया है। ऐसे में नए गांवों में विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है। अन्य ग्राम प्रधानों ने भी नगरपालिका में गांवों को शामिल करने का विरोध किया है।