ागेश्वर के बिजली घर में नया ट्रांस्फार्मर चढ़ाते लोग।
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लंबे इंतजार के बाद विकास खंड को लो वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी। केंद्र के आईपीडीएस प्रोजेक्ट के तहत बागेश्वर के बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 15 एमवी हो गई है। बिजलीघर की क्षमता बढ़ने से यूपीसीएल को ओवरलोडिंग की समस्या से भी निजात मिलेगी।
बुधवार को बागेश्वर बिजलीघर में ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने का काम किया गया। इसके तहत 64 लाख की लागत से 10 एमवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया। इसके साथ ही बिजलीघर की क्षमता बढ़कर 15 एमवी हो गई है। इससे पहले पांच-पांच एमवी के दो ट्रांसफार्मरों के जरिये पूरे विकास खंड में आपूर्ति की जाती थी। लेकिन लगातार बढ़ते भार के चलते नाकाफी साबित हो रही थी। उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या के साथ ही यूपीसीएल भी ओवरलोडिंग से जूझ रहा था। इसे देखते हुए बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। यूपीसीएल के ईई बीएन पांडे ने बताया कि पांच एमवी का पुराना ट्रांसफार्मर हटाकर 10 एमवी का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है। अब बागेश्वर नगर समेत पूरे विकास खंड में 15 एमवी के ट्रांसफार्मर से आपूर्ति की जाएगी।
शट डाउन से हुई फजीहत
बागेश्वर। बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगाने की कार्यवाही के बीच विकास खंड मेें कई बिजली गुल रही। इससे उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। बिजली आधारित कामकाज प्रभावित हुए। इससे आम दिनचर्या पर असर पड़ा। यूपीसीएल ने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत बुधवार सुबह नौ बजे शटडाउन ले लिया। शटडाउन के साथ ही पूरे विकास खंड की बिजली गुल हो गई। इस प्रोजेक्ट के तहत सुबह नौ बजे से लेकर शाम छह बजे तक काम हुआ। हालांकि इस बीच यूपीसीएल ने नगर और आसपास के क्षेत्रों में पांच एमवी के ट्रांसफार्मर से आपूर्ति दी। लेकिन लोड को देखते हुए नगर और विकास खंड में रोस्टर के अनुसार आपूर्ति की गई। ब्यूरो