उत्तरायणी मेले में नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार
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जी रया जागि रया य दिन य मास....के आशीर्वचन के साथ ही धर्मनगरी में आयोजित कुमाऊं के पौराणिक उत्तरायणी मेले का रंगारंग समापन हो गया है। इस मौके पर लोक कलाकारों ने मन मोहक कार्यक्रम पेशकर मेलार्थियों को खूब थिरकाया। बुधवार की रात पुष्कर महर की टीम के नाम रही। टीम में शामिल लोक कलाकार ललित मोहन जोशी ने हे दीपा दिल लगोन्या तू छै..., समेत कई मन भावन कार्यक्रम पेश किए।
कार्यक्रम स्थल रामलीला भवन में पुष्कर महर की टीम में शामिल लोक कलाकार जोशी ने जानू तेरो प्यार में..., मेरि नानि नानि सीमा..., बैठी रेछे मेरि भानु खिड़की मां..., छपेली धार में की देवी क थान..., कलाकार जितेंद्र तुमक्याल ने सिलगढ़ी का पाल छाल..., ओ रंगीली धाना हौंसिया परांणा..., मन्नू दा सौ रुपें फलैक्सी कर दे..., गायिका बेबी प्रियंका ने जौन सारी गीत गाया। सुंदर ग्वासीकोटी ने ओ हिमा सुरसुरा बयार..., बाजि मुरूली घमकि हुड़की घमाघम...समेत कई अन्य मन भावन गीतों का गायन किया। समापन के मुख्य अतिथि एसडीएम सदर श्याम सिंह राणा थे।
उन्होंने मेले के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर जिला प्रशासन, पुलिस, मेला समिति, व्यापारियों, नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और लोक कलाकारों के सहयोग के प्रति आभार जताया। इस मौके चंडिका नेटवर्क को मेले के कार्यक्रम पूरे राज्य में प्रसारित करने और दफौटी फोटो स्टूडियो को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन जयंत भाकुनी ने किया। वहां नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, किशन मलड़ा, प्रकाश जोशी, रघुवीर दफौटी, भुवन कांडपाल, दीप चंद्र जोशी और भगत रावल आदि थे।