बागेश्वर। दो-दो नदियों वाले बागेश्वर शहर के लोगों को छह महीने के भीतर पेयजल किल्लत से निजात मिल जाएगी। पेयजल योजना का मुख्य टैंक और आपूर्ति टैंक न बनने से योजना जनता को समर्पित होने में विलंब हो रहा था। समाज कल्याण मंत्री एवं स्थानीय विधायक चंदन राम दास के निर्देश पर पेयजल निर्माण निगम ने सात नाली निजी जमीन खरीद ली है। इस भूमि पर मुख्य टैंक बनने का काम शुरू हो गया है।
सरयू और गोमती नदी के तट पर बसे बागेश्वर नगर की पेयजल किल्लत दूर करने लिए शासन ने वर्ष 2019-20 में मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना स्वीकृत की थी। 11.21 करोड़ रुपये की लागत से 3.7 एमएलडी की पेयजल योजना का निर्माण मार्च 2022 तक होना था। योजना का अधिकांश काम इस अवधि में हो गया लेकिन योजना का मुख्य टैंक और आपूर्ति टैंक न बनने से योजना जनता को समर्पित नहीं हो पाई थी।
मुख्य टैंक के लिए चयनित जमीन का मामला वन अधिनियम में फंस गया। वन भूमि निस्तारण के लिए पेयजल निगम ने करीब एक साल पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के नोडल को प्रस्ताव ऑनलाइन कर दिए थे लेकिन वन भूमि का निस्तारण नहीं हुआ।
हाल में समाज कल्याण मंत्री चंदन राम दास के निर्देश पर पेयजल निगम ने योजना के पंपिंग स्टेशन के पास सात नाली निजी भूमि खरीदी। पेयजल निगम के ईई वीके रवि ने बताया कि खरीदी गई जमीन पर मुख्य टैंक बनाने का काम शुरू हो गया है। आपूर्ति टैंक का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। पांच महीने में दोनों टैंक बना लिए जाएंगे और उसके अगले माह तक योजना जनता को समर्पित हो जाएगी।
वर्तमान में ढाई एमएलडी पानी की कमी
बागेश्वर। बागेश्वर नगर के लिए वर्तमान में जखेड़ा पेयजल योजना, मंडलसेरा पेयजल योजना, अमसरकोट पेयजल योजना, कठायतबाड़ा आदि पेयजल योजनाओं से आपूर्ति होती है। इन योजनाओं से मात्र तीन एमएलडी पानी मिल पाता है जबकि जरूरत 5.5 एमएलडी की है। यानी ढाई एमएलडी पानी की कमी है। पर्याप्त पानी न मिलने से नगर में वर्षभर पीने के पानी की समस्या बनी रहती है। पर्याप्त पानी न मिलने से लोगों को जलधारों, हैंडपंपों से जलापूर्ति करनी पड़ती है। संवाद
बागेश्वर की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना का अवशेष काम तेज गति से कराया जाएगा। पेयजल निगम के आला अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। मुख्य टैंक की जमीन की बाधा दूर हो गई है। अब काम में लेटलतीफी सहन नहीं की जाएगी। - चंदन राम दास समाज कल्याण मंत्री उत्तराखंड।