बागेश्वर जनपद की 10 सड़कों से मलबा नहीं हट सका है। इनमें कपकोट के ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का सबसे अधिक बुरा हाल है। इन सड़कों के बंद होने से हजारों की आबादी को पैदल ही आवाजाही करनी पड़ रही है। दो दिन से मौसम साफ होने के बावजूद सड़कों को खोलने के इंतजाम न होने से लोगों में नाराजगी है।
बरसात शुरू होने के बाद से जिले के ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। कपकोट क्षेत्र में स्थिति सबसे अधिक खराब है। यहां पर कई ग्रामीण सड़कें पखवाड़े से बंद हैं। इस समय जिले के हरिनगरी-पय्यां, कांडा-सुनारगांव, धानल-खुनोली-माजखेत, पोथिंग-उछात, बैजनाथ-तिलसारी, भनार-लाथी-नामती चेटाबगढ़, रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-कमी, शामा-नौकुड़ी, बेड़ा-मझेड़ा मोटर मार्गों का मलबा नहीं हटा पाया है।
यह सड़कें लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एडीबी के पास हैं। सड़कों के बंद होने से लोगों को पैदल ही आवाजाही को मजबूर होना पड़ रहा है। सड़कों के इतने समय तक बंद रहने से विभागीय, प्रशासन की ओर से बरसात के मौसम में किए जाने वाले इंतजामों की पोल भी खुलती जा रही है।