संक्रमण से ग्रसित नेत्र रोगियों की केंद्र को भेजी जाएगी सूची
बागेश्वर। मानसून काल में आंखों में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम के लिए विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आंखों में आई फ्लू और अन्य संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभाग ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाएगा।
मानसून काल में आई फ्लू जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। आई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह बीमारी अन्य लोगों को भी संक्रमित करता है। इससे बचाव के लिए जरूरी सावधानियां और चिकित्सकीय सलाह की आवश्यकता होती है। इससे बचाव के लिए विभाग जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित शिविरों में संक्रामक रोग से ग्रसित लोगों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में लाया जाएगा। आई फ्लू की पुष्टि होने पर संक्रमित व्यक्तियों की सूची जुलाई से सितंबर तक नियमित 15 दिन में प्रदेश मुख्यालय को भेजी जाएगी।
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आई फ्लू संक्रमण के लक्षण
आंखों का लाल होना, खुजली, जलन, आंखों से पानी आना और पलकों में सूजन शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों को आंखों से पीला डिस्चार्ज भी हो सकता है। सुबह उठने पर पलकें चिपकी हुई लग सकती हैं।
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आई फ्लू के लक्षण महसूस होने पर आंखों को बार-बार छूने और रगड़ने से बचना चाहिए। तौलिये, चश्मे और मेकअप जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को दूसरों के साथ साझा करने से बचें। पीड़ित व्यक्ति को पूरी तरह से आराम करना चाहिए ताकि उसका शरीर वायरस से तेजी से लड़ सके। लक्षण पाए जाने पर चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। - डॉ. कल्पना पांडेय, नेत्र रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल बागेश्वर
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जिले में आई फ्लू से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। संक्रमित व्यक्तियों की रिपोर्ट नियमित 15 दिन में शासन को भेजी जाएगी। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर