एसबीआई के एटीएम पर लगा है दो महीने से ताला।
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तहसील मुख्यालय स्थित एसबीआई का एटीएम दो महीने से भी अधिक समय से कैशलेस चल रहा है। इसके अलावा यहां के डाकघर का कंप्यूटर भी इतने ही समय से खराब पड़ा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के अंतिम गांव बोरबलड़ा, झूनी और किमू के खाताधारकों को दो सौ रुपये का किराया देकर बैंक में लंबी लाइन लगाने के बाद एक से पांच हजार रुपये ही थमाए जा रहे हैं। बैंक से आवश्यकतानुसार रुपये नहीं मिलने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बैंक के स्थानीय प्रबंधक डीएस गुंज्याल का कहना है कि उन्हें जितना पैसा मिल रहा है, ग्राहकों को दे रहे हैं। स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। उधर, क्षेत्र के सबसे प्राचीन डाकघर की स्थिति भी बदतर है। पोस्टमास्टर के 23 नवंबर से छुट्टी पर होने से डाकघर को एकमात्र लिपिक ही संभाल रहे हैं। डाकघर का कंप्यूटर दो महीने से भी अधिक समय से खराब होने के कारण लोगों को जहां अपने बचत पत्रों का भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। वहीं डाकघर के तमाम कार्य प्रभावित हो गए हैं।
क्षेत्र के लोगों ने बताया कि एटीएम और डाकघर की समस्या को लेकर कई शिकायत करने के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में देवेंद्र दानू, गिरीश बिष्ट, हरेंद्र बिष्ट, मुन्ना कपकोटी, अवध वर्मा, नवीन उपाध्याय, ललित उपाध्याय, बबलू उपाध्याय, कैलाश जोशी, रघुवीर बिष्ट, नारायण तिरूवा, सुरेश आर्य और गोविंद फर्स्वाण आदि शामिल हैं।