पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की अस्थि कलशयात्रा भगवान बागनाथ की नगरी पहुंची। नगर के कुछ हिस्सों के भ्रमण के बाद स्नानघाट पर बड़ी संख्या में लोगों ने जननेता अटल जी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बारिश के बीच भारत माता की जय, वंदे मातरम, अटल बिहारी वाजपेई अमर रहे नारों के साथ उनकी अस्थियों को सरयू और गोमती के पावन संगम पर विसर्जित किया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की अस्थि कलश यात्रा ने शनिवार को करीब 11.30 बजे बागेश्वर नगर में प्रवेश किया। अस्थि कलश यात्रा नगर के माल रोड से होते हुए नए सरयू पुल से दुग बाजार से होकर संगम स्थल पर पहुंची। स्नानघाट पर अटल जी को गमगीन माहौल में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोगों नेे मां सरयू से अटल जी की आत्मा को शांति देने और उन्हें देव पंक्ति में शामिल कर अमरत्व प्रदान करने की कामना की। तीर्थ पुरोहित हेम चंद्र जोशी ने मंत्रोचार किया।
जिले की प्रभारी मंत्री रेखा आर्या, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक चंदन राम दास, बलवंत भौर्याल, महेश नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष शेर सिंह गढ़िया, जिला प्रभारी कैलाश शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, पूर्व मंत्री राम प्रसाद टम्टा आदि ने अस्थियों को पवित्र सरयू में विसर्जित किया।
इस मौके पर कपकोट के ब्लाक प्रमुख मनोहर राम, ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख हरीश शाही, पूर्व विधायक उमेद सिंह माजिला, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुबोध साह, भाजपा नेेता रमेश साह, बहादुर सिंह परिहार, सुनील भंडारी, हरीश सोनी, महेश खेतवाल, सुरेश कांडपाल, शिव सिंह बिष्ट, कुंदन परिहार, बीडी जोशी, दीपा आर्या, चंपा आर्या, भाजपा अल्मोड़ा के रवि रौतेला, ताकुला के ज्येष्ठ ब्लाक उप प्रमुख राजू कैड़ा, बसंत बल्लभ पांडे आचार्य, जीएस बाफिला, सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम राहुल गोयल, एसडीएम राकेश तिवारी, डीडीओ केएन तिवारी और सीओ महेश जोशी आदि मौजूद थे। कौसानी में पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि देने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहन सिंह दोसाद, होटल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बब्लू नेगी, भैरव दत्त जोशी, पान सिंह दोसाद, पार्वती देवी, तारा तिवारी समेत महिला मंगल दल से जुड़ी कई महिलाएं शामिल थी। वहां एसडीएम सुंदर सिंह बिष्ट समेत पुलिस के अधिकारी आदि मौजूद थे। इधर गरुड़ में भी गांधी चबूतरे पर सैकड़ों लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा टीट बाजार, बैजनाथ, गागरीगोल, सिमार होते हुए बागेश्वर के लिए रवाना हुई।