बागेश्वर। सीडीओ एसएसएस पांगती ने विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 को निष्पक्ष, शांतिपूर्वक संपन्न कराने को लेकर राजनैतिक दलों और अधिकारियों के साथ बैठक कर आदर्श आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए। चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को अनिवार्य रूप से करना होता है। अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता है तो चुनाव आयोग उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
विकास भवन सभागार में सीडीओ ने कहा कि आयोग का मकसद चुनावी प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाकर मतदाताओं में विश्वास पैदा करना और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर रोक लगाना, फर्जी वोट, भ्रष्टाचार, मतदाताओं को डरा-धमकाकर वोट डालने संबंधी घटनाओं पर रोक लगाना है। राजनैतिक दलों एवं उम्मीदवारों को भ्रष्ट गतिविधि एवं चुनावी नियमों के तहत सभी गतिविधियों से बचना चाहिए।
प्राइवेट भवन, दीवार, वाहनों पर झंडे, बैनर, स्टीकर आदि लगाने को गैर कानूनी बताया। यदि किसी उम्मीदवार के पक्ष में वोट देने विषयक प्रचार सामग्री पाई जाती है तो उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम के तहत संबंधित को एक वर्ष का कारावास या दस हजार रुपए जुर्माने के रूप में दंडित करने का प्रावधान है। राजनैतिक दल एवं उम्मीदवार को बैठकें और जनसभाएं आयोजित करने के संबंध में आयोग के निर्देशानुसार नियमों का पालन करने को कहा।
महत्वपूर्ण दिवसों को मनाने पर भी दलों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए। चुनावी रैली और जनसभाओं में सरकारी वाहनों का प्रयोग प्रतिबंधित होगा। साथ ही प्रचार में उनके द्वारा प्रयोग किए जाने वाले वाहनों की अनुमति पूर्व में आरओ से लेनी जरूरी होगी। चुनाव प्रचार के लिए लाउडस्पीकर का प्रयोग सुबह छह बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
बैठक में कांग्रेस की ओर सांसद प्रतिनिधि संजय साह जगाती, भाजपा से रवि परिहार, बसपा से भूपेश धपोला, सुंदर स्यूनेवाल, सपा से हरि राम शास्त्री समेत डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम बागेश्वर श्याम सिंह राणा, ईओ ईश्वर सिंह रावत, सहायक निर्वाचन अधिकारी डीसी आर्य आदि थे।