बागेश्वर। आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कार्य का हर माह भुगतान करने की मांग उठाई है।। उनका कहना है कि कोरोना काल में वह लगातार कार्य कर रही हैं लेकिन उन्हें किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जा रहा है। आशाओं ने डीएम रंजना राजगुरु के सामने इस मामले को उठाते हुए शीघ्र भुगतान उपलब्ध कराने की मांग की है।
शुक्रवार को आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता संगठन ने कलक्ट्रेट में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कहा कि अटल आयुष्मान योजना में आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। कोरोना काल में वह पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही हैं। आशाओं ने सुगम और दुर्गम क्षेत्र में कार्यरत आशाओं को पांच हजार रुपये का विशेष पैकेज निर्धारित कर उपलब्ध कराने, बीमा करने, डेंगू बीमारी के सर्वे के लिए विशेष भुगतान करने, कार्य के दौरान दुर्घटना या मृत्यु और रिटायरमेंट पर पांच लाख रुपये की राशि देने की मांग की है। प्रदर्शन में भारतीय मजदूर संघ के जिला प्रभारी गणेश सिंह बोरा, आशा संगठन की जिलाध्यक्ष बसंती देवी, जिला मंत्री नीमा असवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि तिवारी, लक्ष्मी पांडे, भावना धपोला, रेखा देवी, रीता देवी, विशन दत्त भट्ट, गोपाल सिंह ऐठानी, माया देवी, नीमा देवी, भागीरथी मेहता, विमला मिश्रा, शांति देवी आदि थे।
प्रोत्साहन राशि न मिलने से आशा फैसिलिटेटर नाराज
बागेश्वर। प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर आशा फैसिलिटेटर ने नाराजगी जाहिर की है। इन लोगों ने डीएम रंजना राजगुरु के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि आशा फैसिलिटेटर कार्यकर्ताओं के साथ भेदभावपूूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें 20 दिन की मोबिलिटी के 300 रुपये प्रति मोबिलिटी के हिसाब से माह में भुगतान होता है। आशा फैसिलिटेटरों ने राज्य कर्मचारी घोषित करने, हर माह 24 हजार रुपये वेतन देने की मांग पूरी करने की अपील की है। वहां आशा फैसिलिटेटर संगठन की जिलाध्यक्ष चंद्रकला जोशी, नीता नगरकोटी, सीता दानू, चंपा गढ़िया, बिमला बोरा आदि थे।