बागेश्वर। जिले में बढ़ते तापमान और सूखे ने वनाग्नि की घटनाओं में भारी इजाफा कर दिया है। जिले की चारों रेंजों के जंगलों में आग लगने से वन संपदा जलकर खाक हो गई। छतीना से लेकर कपकोट के दूरस्थ जंगलों तक उठी आग की लपटों ने वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए संकट पैदा कर दिया है।
शनिवार को बागेश्वर रेंज के छतीना, धरमघर रेंज के कांडा आईटीआई, जाखनी, जारती और दारसिंह के जंगलों में भीषण आग लगी रही। बैजनाथ रेंज के ढुकरा, तिलस्यारी और कपकोट के चिरपतकोट, पोथिंग, पोखरी, सीमा, रताईंस, पपों, बसकूना के जंगलों में भी आग लगने से लाखों की वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आसमान में छाई धुंध के कारण लोगों को सांस लेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में लगातार हो रही वृद्धि के कारण वातावरण में आद्रता कम हुई है, जिससे जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है। वनाग्नि की रोकथाम के लिए हमारी सभी टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आम जनता से अपील है कि वे जंगलों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों से बचें और आग दिखने पर तुरंत विभाग को सूचित कर सहयोग करें।
..........आदित्य रत्न, डीएफओ, बागेश्वर