बागेश्वर। जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में उप समितियों के गठन को लेकर विवाद हो गया। विपक्षी सदस्यों ने बैठक में हंगामा किया और घर से समिति बनाकर लाने का आरोप लगाते हुए वॉक आउट किया। सभी उप समितियों का गठन विधिवत और लोकतांत्रिक मूल्यों को ध्यान में रखकर करने की मांग की।
बुधवार को जिला पंचायत की दूसरी बोर्ड बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में शुरू हुई। पक्ष और विपक्ष के सदस्य अपनी-अपनी बात रख रहे थे। विपक्षी सदस्य गोपा धपोला, बलवंत बबलू नेगी, सरोज आर्या, सुंदर गढि़या, राजेंद्र नेगी और बलवंत राम ने बैठक में समितियों का गठन करने की मांग की।
उनका कहना था कि 11 बजे से बैठक शुरू हुई है तो समितियों का गठन पहले क्यों किया गया। जिपं सदस्य गोपा ने कहा कि समिति में किसे रखा जा रहा है, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है, लेकिन उप समितियों का गठन बैठक में ही किया जाना चाहिए।
कहा कि पूर्व की जिपं अध्यक्ष ने जो कार्य किया था, उसे ही वर्तमान जिपं अध्यक्ष आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। अपने चहेतों को समिति में शामिल कराने के लिए घर से उप समितियों का गठन करके लाया गया है।
जिपं सदस्य बबलू नेगी ने जिपं के अपर मुख्य अधिकारी पर भी निशाना साधा। कहा कि प्रभारी एएमए स्वयं लोकतांत्रिक मूल्यों को मानने को तैयार नहीं हैं। वह राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। जब तक स्थायी अधिकारी की यहां तैनाती नहीं होगी, विकास की गाड़ी आगे चलनी मुश्किल है। कहा कि बैठक में आय-व्यय का ब्योरा भी तरीके से नहीं दिया जा रहा है।
सदन के भीतर विधिवत तरीके से समिति का गठन की मांग उठाई थी। सभी 19 सदस्यों के सामने समितियों का गठन होना चाहिए था। जब उनकी मांग की अनदेखी हुई तो विपक्षी सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया।