जिला अस्पताल के दर्द कराहती प्रसव पीड़िता। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला अस्पताल में निश्चेतक के छुट्टी पर होने से गर्भवती प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। निश्चेतक न होने से सिजेरियन नहीं हो सका। महिला को प्रसव के लिए अल्मोड़ा रेफर करना पड़ा।
शुक्रवार को फटगली से प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय पहुंची आशा देवी पत्नी हरीश राम का सिजेरियन विधि से प्रसव नहीं हो सका। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रीमा उपाध्याय ने गर्भवती की जांच के बाद मामला जटिल बताते हुए सिजेरियन विधि से प्रसव करने की बात कही। चिकित्सालय में निश्चेतक न होने से गर्भवती को अल्मोड़ा के लिए रेफर कर दिया गया। इस दौरान गर्भवती अस्पताल में कराहती रही। रेडियोलॉजिस्ट की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड पहले से बंद है। इधर, निश्चेतक के छुट्टी पर रहने से मरीजों के ऑपरेशन नहीं हो पा रहे हैं।
जिला अस्पताल के निश्चेतक डॉक्टर विकास वर्मा और डॉक्टर हर्षिता छुट्टी पर हैं। 24 या 25 नवंबर से वह अस्पताल में सेवा देंगे। डॉ. वर्मा चोटिल है और डॉ. हर्षिता कोविड सेंटर में ड्यूटी के चलते क्वारंटीन पर हैं। - डॉ. अजय मोहन शर्मा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल बागेश्वर।