बागेश्वर। जिला अस्पताल में महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने लेबर वार्ड के कर्मियों को जरनल वार्ड के कर्मियों को लेबर वार्ड में तैनात कर दिया है। जरनल वार्ड के कर्मियों की लेबर वार्ड में तैनाती से पहले उन्हें प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और शिशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।
बीते दिनों पिथौरागढ़ के दसौली निवासी कविता पाठक की अस्पताल में मौत के बाद परिजनों ने वहां तैनात स्वास्थ्य कर्मियों पर पैसे लेन और मरीज की उचित देखभाल न करने के आरोप लगाए थे।
आरोपों की जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। प्रथम दृष्टया वार्ड में तैनात कर्मियों को बदलकर जरनल वार्ड के कर्मियों को तैनात किया गया है। जरनल वार्ड के कर्मियों को पहले दिन स्त्री रोग विशेषज्ञ रीमा उपाध्याय ने लेबर वार्ड में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की देखभाल और नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में बताया।
इसे अतिरिक्त कर्मियों को प्रसव संबंधी दस्तावेजों को भलीभांति भरने के बारे में जानकारी दी गई। वार्ड कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच के लिए नियुक्त डॉ. डीपी शुक्ला और डॉ. कल्पना पांडेय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार तक जांच रिपोर्ट सीएमएस को सौंपी जाएगी।
महिला की मौत के बाद वार्ड में तैनात कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच जारी है। लेबर वार्ड में तैनात किए गए जरनल वार्ड के कर्मियों को प्रशिक्षण देकर देखभाल संबंधी आवश्यक विषयों के बारे में अवगत कराया गया। जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. तपन कुमार शर्मा, सीएमएस जिला अस्पताल बागेश्वर