खातीगांव के पंचायत घर परिसर में पीपल और आंवला के वृक्ष का वैदिक मंत्रों के जरिए विवाह संपन्न हुआ। ग्रामीणों ने आंवला के पेड़ को डोली में बैठाकर ढोल नगाड़ों के साथ बारात निकली। बारात में शामिल लोग भजन-कीर्तनों पर जमकर थिरक रहे थे। महिला संगीत में महिलाएं कुमाऊंनी और मांगलिक गीतों पर नाची।
क्षेत्र के ग्रामीण खातीगांव के अविवाहित करम सिंह रावत के घर में जमा हुए। यहां से उन्होंने आंवले के पेड़ को डोली में रखा। इसके बाद बारात गांव के पंचायत घर स्थित पीपल के पेड़ तक पहुंची। बाराती पारंपरिक वाद्य यंत्रों में जमकर थिरक रहे थे। आचार्य प्रसाद चंद्र जोशी ने वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न कराए। यहां भंडारे का आयोजन किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
वहां अवकाश प्राप्त कृषि अधिकारी पंचम सिंह डिगारी, रिटायर्ड शिक्षक सोहन सिंह रावत, भरत रावत, गोविंद डिगारी, बसंत रावत, भरत रावत, गोविंद डिगारी, बसंत रावत, पवन रावत, अनिल मेहता, पवन खाती, कमल खाती, सूबेदार बहादुर सिंह डसीला, पारस, गोकुल नगरकोटी, लाल सिंह डसीला, आनंद मेहरा, बहादुर कार्की, हरीश दास समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।