जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में वन विभाग की ओर से वनाग्नि से निपटने के लिए कलक्ट्रेट सभागार बैठक हुई। डीएम ने कहा कि वन विभाग के अलावा अन्य विभागों की भी जंगल की आग रोकने की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आग की कोई सूचना मिलती है तो तुरंत आपदा कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर पर या वन विभाग के क्रू स्टेशन या संबंधित क्षेत्रीय पटवारी को सूचित करें। वन विभाग को जंगल की आग से निपटने के लिए फायर सीजन के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती के निर्देश दिए।
डीएम घिल्डियाल ने पुलिस को निर्देश दिए कि वह ग्राम प्रहरी को भी सजग करें। वन विभाग ग्राम पंचायतों की बैठक कर संबंधित ग्राम प्रधान और वन पंचायत सरपंचों को भी जिम्मेदारी सौंपे। फायर सीजन के लिए आपदा कंट्रोल रूम में 24 घंटे के लिए वन विभाग के कार्मिक की तैनाती कर वायरलैस सेट स्थापित करें। जंगल की आग से होने वाले नुकसान के बारे में पोस्टर, बैनर और स्लोगनों के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। बताया गया कि 47 क्षेत्र वनाग्नि की दृष्टि से संवेदनशील हैं। ग्राम प्रधानों को वनाग्नि के संबंध में मोबाइल के माध्यम से एसएमएस करने के निर्देश दिए। उप प्रभागीय वनाधिकारी सत्यनाथ त्रिपाठी ने बताया कि विभाग ने 29 क्रू स्टेशन स्थापित किए हैं। सात बेस स्टेशन वायरलेस सेट और दो मोबाइल वायरलेस सेट की व्यवस्था की गई है। बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम बागेश्वर श्याम सिंह राणा, कपकोट रविंद्र बिष्ट, कांडा रिंकू बिष्ट, सहित पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद थे।