बागेश्वर। डीएम आशीष भटगांई ने कलक्ट्रेट सभागार में आपदा प्रभावित कनलगढ़ घाटी के ग्रामीणों के साथ बैठक की। उन्होंने प्रभावितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि किसी भी पात्र को लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से व्यक्तिगत क्षति का विवरण प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा। उसकी जांच के बाद जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार के अंक में अमर उजाला ने आपदा के बाद ग्रामीणों के वर्तमान हालात पर ''तवा-कड़ाही आपदा में बहे, कैसे पकेगा दाल-भात'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम भटगांई ने पौंसारी, बैसानी और सुमटी के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ बैठक की।
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें डॉग स्क्वॉड, ड्रोन और विक्टिम लोकेटिंग कैमरों के माध्यम से लापता लोगों की खोजबीन कर रही है। पैदल मार्ग, पुलिया, आंगनबाड़ी और स्कूल की क्षति का सर्वे किया जा चुका है। पूर्ण गुणवत्ता के साथ इनकी मदद कराई जाएगी।
क्षेत्र में संचार बहाली के लिए तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को नियमानुसार स्थानीय स्तर या अन्यत्र विस्थापन की सुविधा दी जाएगी। ग्रामीणों ने अंग्यारतोली में जो भूमि प्रस्तावित की है उसका भूगर्भीय सर्वेक्षण कराने के लिए टीम का गठन किया जा रहा है।
डीएम ने ग्राम प्रधानों से क्षति की सूची जल्द उपलब्ध कराने को कहा। कहा कि प्रशासन और जनता की सांझा सकारात्मकता से ही आपदा प्रबंधन के प्रयास सफल होंगे। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहित करते हुए अतिरिक्त प्रयास करने को कहा।
इस मौके पर एसपी चंद्रशेखर आर घोडके, सीडीओ आरसी तिवारी, एडीएम एनएस नबियाल, एसडीएम अनिल रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, एसडीआरएफ के संतोष सिंह, एनडीआरएफ के आनंद सिंह समेत ग्राम प्रधान और ग्रामीण मौजूद रहे।