बागेश्वर। बागेश्वर में हवाई सेवा सपना रह गया है। बीते चार सितंबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बैजनाथ के मेलाडूंगरी हेलीपैड के विस्तारीकरण की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि हेलीपैड के विस्तारीकरण के बाद पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने के लिए हवाई सेवा संचालित की जाएगी लेकिन करीब छह महीने बाद भी इस घोषणा पर बात आगे नहीं बढ़ी। जिले के लोगों की एयर एंबुलेंस की मांग भी परवान नहीं चढ़ रही है।
हिमालयी क्षेत्र से सटे बागेश्वर जिले के कपकोट विधानसभा क्षेत्र के खाती, बदियाकोट, झूनी, खलझूनी, कुंवारी, कीमू, गोगिना समेत अनेक गांव हिमालय की तलहटी में बसे हैं। इन इलाकों में परिवहन सुविधा का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। खासकर हादसे और गंभीर बीमारी के समय तत्काल परिवहन की सुविधा नहीं मिलने से जान पर बन आती है। जिले में एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बागेश्वर को एयर एंबुलेंस की सुविधा देने की मांग जनप्रतिनिधि भी करते रहे हैं लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई।
हाल में डीएम अनुराधा पाल ने उड़ान योजना के तहत बागेश्वर के मेलाडुंगरी हेलीपैड से हल्द्वानी के लिए हवाई सेवा शुरू करने का प्रस्ताव प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भेजा है।
सीएम ने भी हाल में बागेश्वर-हल्द्वानी हेली सेवा को उड़ान योजना के तहत संचालित कराने का वायदा अपने फेसबुक पेज के माध्यम से किया था। डीएम का कहना है कि मार्च में उड़ान-5 की बैठक दिल्ली में होनी है। राज्य सरकार बागेश्वर-हल्द्वानी हेली सेवा को उड़ान योजना में शामिल कराने के लिए प्रयासरत है।
धनाढ्य परिजनों को कराते हैं एयरलिफ्ट
बागेश्वर। आम लोगों का एयर एंबुलेंस का सपना भले ही अधूरा हो लेकिन धनाढ्य लोग रकम खर्च कर एयर एंबुलेंस सुविधा का लाभ उठाते रहे हैं। तीन दिन पहले नगर के एक साधन संपन्न व्यक्ति अपनी बीमार मां को किराए के हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी ले गए। सीमांत की जनता को कब एयर एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी यह अहम और सबसे बड़ा सवाल है।
बागेश्वर, कपकोट, गरुड़ में उतरते रहते हैं सरकारी, निजी हेलिकॉप्टर
बागेश्वर के डिग्री कॉलेज खेल मैदान के साथ ही गरुड़ के मेलाडुंगरी, कपकोट के केदारेश्वर मैदान में सरकारी और निजी हेलिकॉप्टर उतरते रहते हैं। साधन संपन्न लोग निजी तौर पर हेली सेवा का उपयोग करते हैं। इस बार के उत्तरायणी मेले में एक निजी कंपनी के हेलिकॉप्टर से लोगों को नगर की सैर कराई गई थी। हेली सेवा को लेकर लोगों में काफी उत्साह दिखाई दिया था। किराए पर लाए जाने वाले हेलिकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ की अनुमति एयर ट्रैफिक कंट्रोल अथॉरिटी और जिला प्रशासन से ली जाती है।