बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक में नवनियुक्त पांच प्राथमिक शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद अब शिक्षा विभाग में जांच का दायरा तेजी से बढ़ने लगा है। रामनगर स्थित उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से कपकोट के पांच शिक्षकों के दस्तावेजों को कूटरचित करार दिए जाने की पुष्टि के बाद, अब जिले के अन्य ब्लॉकों में तैनात शिक्षकों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार कपकोट ब्लॉक से 10 से अधिक शिक्षकों के प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बोर्ड को भेजे गए थे, जिनमें से पांच में धांधली की पुष्टि हो चुकी है। इस कार्रवाई के बाद विभाग ने बागेश्वर ब्लॉक से भी आठ शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेज जांच के लिए रामनगर बोर्ड भेज दिए हैं। गरुड़ ब्लॉक से भी संदिग्ध प्रमाण पत्रों को चिह्नित कर जल्द बोर्ड भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जनवरी माह में नियुक्त हुए कुल 86 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया अब पूरी तरह से जांच के दायरे में आ गई है।
कपकोट के मामले के बाद अन्य ब्लॉकों से भी रिपोर्ट मंगवाई जा रही है। रामनगर बोर्ड से जैसे-जैसे सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसी आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
..आशाराम, प्रभारी सीईओ, बागेश्वर