विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों के खर्च पर चुनाव आयोग की पूरी नजर रहेगी। उम्मीदवारों के व्यय की निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से व्यय टीमें गठित कर दी हैं। नामांकन होते ही वीडियो सर्विलांस टीम नेताओं की जनसभा, रैली और रोड शो की वीडियोग्राफी कर चुनाव आयोग को भेजेंगी।
मालूम हो चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के लिए व्यय सीमा निर्धारित की है। इसके आकलन के लिए आयोग के निर्देश पर व्यय टीमें गठित कर दी गई हैं। यह टीम उम्मीदवारों के खर्चे का सही-सही प्रमाणीकरण कर आयोग को सूचित करेंगी। इसके अलावा एक वीडियो सर्विलांस टीम भी गठित की गई है। यह टीम नेताओं की हर रैली, जनसभा और रोड शो सहित अन्य कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी करेगी। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने सभी अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को नामांकन के तुरंत बाद बैंक में अपना खाता खोलना होता है। उम्मीदवारों का खाता खोलने के लिए उन्होंने बैंक अधिकारियों से स्पेशल काउंटर स्थापित करने को कहा है। डीएम ने उड़न दस्ता, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति, स्थैतिक निगरानी टीम, निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण तंत्र, सहायक व्यय प्रेक्षक, मादक निगरानी टीम के नोडल व प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि इस कार्य में किसी तरह की चूक होने पर संबंधित अधिकारी की स्वयं की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने राजनीतिक पार्टी के पदाधिकारियों से भी संबंधित व्यय लेखा की पूर्ण जानकारी रखने को कहा है। उन्होंने उड़न दस्ता टीम को मामलों की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।