बागेश्वर। डीएम अनुराधा पाल ने जिला स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में कहा कि स्थानीय टीवी चैनल, एफएम रेडियो देश की संप्रभुता, अखंडता, राज्य सुरक्षा हितों, लोक व्यवस्था, नैतिकता, न्यायालय की अवमानना, मानहानि को ध्यान में रखते हुए प्रसारण करेंगे। धार्मिक उन्माद, भड़काऊ सामग्री का प्रसारण नहीं करेंगे। ऐसा प्रसारण करने पर प्रथम बार दो साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
डीएम ने सोशल मीडिया का सोच-समझकर उपयोग करने, भ्रामक या विवाद वाले वीडियो वायरल न करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीवी केबल चैनलों, रेडियो, एफएम में प्रसारित होने वाली सामग्री से किसी को भी शिकायत हो तो एडीएम की अध्यक्षता में गठित शिकायत सेल में शिकायत कर सकते हैं। सभी केबल ऑपरेटर केबल पर दूरदर्शन के चैनलों का प्रसारण अनिवार्य रूप से करना सुनिश्चित करेंगे। बैठक में एडीएम सीएस इमलाल, डीएसपी अंकित कंडारी, सहायक आयुक्त राज्य कर अशोक गर्ब्याल, कांडा डिग्री कॉलेज की प्राचार्य मधुलिका पाठक, जीजीआईसी बागेश्वर की प्रधानाचार्य शोभा आदि थे। संवाद
अल्मोड़ा में होम स्टे के लिए 16 आवेदन स्वीकृत
अल्मोड़ा। डीएम वंदना सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में मंगलवार को होम स्टे और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत आवेदकों के साक्षात्कार हुए। इस दौरान होम स्टे के लिए 16 आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
साक्षात्कार में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के तहत गैर वाहन मद के आठ और वाहन मद के 13 आवेदन पत्र स्वीकृत किए गए। डीएम वंदना सिंह ने कहा कि होम स्टे का निर्माण पहाड़ी शैली में होना बेहतर होगा। इन होम स्टे में पर्यटकों को पहाड़ी व्यंजन परोसे जा सकते हैं। इससे पर्यटक आकर्षित होंगे और पर्यटन कारोबार को गति मिलेगी। जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी से सभी आवेदकों के दस्तावेज 15 जून तक संबंधित बैंक में भेजने के निर्देश दिए। बैठक आरबीआई के अधिकारी दिग्विजय सिंह सनवाल, डीडीएम नाबार्ड गिरीश पंत आदि मौजूद रहे।
रोजगार मेले में 15 बेरोजगार शामिल, तीन का चयन
अल्मोड़ा। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में मंगलवार को एसबीआई जीवन बीमा की ओर से एक दिनी रोजगार मेला आयोजन हुआ। इसमें 50 पदों के सापेक्ष महज 13 बेरोजगार ही साक्षात्कार के लिए पहुंचे। इनमें से तीन को ही रोजगार मिल सका। सेवायोजन अधिकारी भगवती धर्मशक्तू ने बताया कि कंपनी को अल्मोड़ा और रानीखेत में सेवा देने के लिए 50 बीमा परामर्शदाता के अस्थायी पदों पर चयन करना था लेकिन बेहद कम संख्या में बेरोजगार आने से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।