बागेश्वर। जनता दरबार में पड़े हैं... बोलना एसीएमओ को भारी पड़ गया। उनके रवैये और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डीएम ने तगड़ी क्लास लगा दी। एक क्षण पहले तक जहां हंसी ठहाके लग रहे थे अचानक माहौल गंभीर हो गया। आलम यह रहा कि जनता की शिकायतों का मंच अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर चर्चा करने का माध्यम बनकर रह गया।
कलक्ट्रेट सभागार में जनता दरबार की अध्यक्षता करते हुए डीएम कोंडे एसीएमओ डॉ. अमित मिश्रा से अस्पताल की समस्याओं पर जवाब मांग रही थीं। इसी दौरान एसीएमओ ने कहा कि वे काम करने के लिए ही हल्द्वानी से बागेश्वर में पड़े हैं...। इस वाक्य पर डीएम भड़क उठीं। कहा कि अधिकारी-कर्मचारी जनता का काम करने के लिए ही होते हैं। उनकी बातों के बीच में जब एसीएमओ फोन पर बात करने की कोशिश करने लगे तो डीएम ने फोन सीज करने तक के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि एसीएमओ के भाषा की शब्दावली कर्मचारी आचरण नियमावली के अनुकूल नहीं है। एसीएमओ को फटकार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है।
10 शिकायतें हुईं दर्ज
जनता दरबार में नगर से लेकर आसपास के गांवों से कुल 10 शिकायतें दर्ज की गईं। डीएम कोंडे ने सीएम हेल्पलाइन, हेलो बागेश्वर और समाचार पत्रों में प्रकाशित जनहित की खबरों पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने खुनौली में पेयजल समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान, डौला में सीसी खड़ंजा निर्माण के लिए जिला पंचायत और बनलेख-बड़ेत सड़क के एलाइनमेंट को अंतिम रूप देने के लिए पीएमजीएसवाई और मंडलसेरा में आधार केंद्र की स्थापना के लिए एडीएम को सर्वे करने के निर्देश दिए।
यूट्यूबर की शिकायत और डीएम की नसीहत पर गूंजे ठहाके
जनता दरबार में उस समय हंसी का माहौल बन गया जब एक यूट्यूबर ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों और बैठकों की बिना अनुमति वीडियोग्राफी पर रोक लगाने की मांग की। रोचक बात यह रही कि वह अपनी इस शिकायत का वीडियो भी अपने कैमरामैन से बनवा रहे थे। डीएम कोंडे ने टोकते हुए कहा आप स्वयं भी तो खुद यहां बिना अनुमति के वीडियो बना रहे हैं। डीएम के इतना बोलते ही पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा।