बागेश्वर। तहसील क्षेत्र के पोथिंग डाकघर में स्थानीय बुजुर्ग और युवती के साथ डाक कर्मियों की ओर से की गई बदसलूकी और गालीगलौज के मामले को डाक विभाग ने गंभीरता से लिया है। पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच बैठा दी है। साथ ही आरोपी पोस्टमैन को तत्काल प्रभाव से पोथिंग से हटाकर उसके मूल तैनाती स्थल भेज दिया गया है।
बीते मंगलवार को पोथिंग डाकघर में समय पर जीवन रक्षक दवा न मिलने का विरोध करने पर पोस्टमैन सचिन और डौला के हरकारे रोहित पर स्थानीय निवासियों के साथ अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। इस मामले में कपकोट थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। मामले में युवती की बनाई वीडियो रिकॉर्डिंग भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
वीडियो सार्वजनिक होने के बाद से ही ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात ऐसे बाहरी कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जन आक्रोश और पुलिस केस का संज्ञान लेते हुए अब डाक अधीक्षक ने मामले में विभागीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है।
पोथिंग क्षेत्र में डाक विभाग के दोनों कर्मचारियों पर लगे आरोपों की विभाग की ओर से जांच शुरू कर दी गई है। निष्पक्षता से पूरे मामले की जांच के लिए एएसपी महेश प्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संबंधित पोस्टमैन सचिन को पोथिंग में केवल व्यवस्था के तहत तैनात किया गया था, जिसे तत्काल प्रभाव से वहां से हटाकर उसके मूल तैनाती स्थल हरसिंग्याबगड़ डाक वितरक के पद पर वापस भेज दिया गया है। - जेएस बोरा, डाक अधीक्षक, अल्मोड़ा परिक्षेत्र