बागेश्वर। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कंज्यूमर लोन लेकर धोखाधड़ी करने के आरोपी रवींद्र ढाका को सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। न्यायालय ने आरोपी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो जमानती प्रस्तुत करने पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी वारिजा त्रिपाठी ने 28 जून 2024 को कोतवाली में तहरीर दी थी। आरोप था कि उनके पैन और आधार कार्ड में फोटो और पता एडिट कर किसी अज्ञात व्यक्ति ने डीएमआई फाइनेंस कंपनी से उनकी जानकारी के बिना 1,30,932 रुपये का कंज्यूमर लोन ले लिया। वादिनी को इसकी जानकारी तब हुई जब उन्होंने अपना सिबिल स्कोर चेक किया। विवेचना के दौरान इस धोखाधड़ी में रवींद्र ढाका सहित अन्य सह-अभियुक्तों के नाम प्रकाश में आए थे। सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामले के मुख्य आरोपी अंकित सिंह को उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
साथ ही अन्य सह-अभियुक्तों अंकित और जौनी को भी सत्र न्यायालय पूर्व में जमानत प्रदान कर चुका है। अधिवक्ता ने समानता के आधार पर जमानत की गुहार लगाई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। सत्र न्यायाधीश पंकज तोमर ने जमानत स्वीकार करते हुए आरोपी से विवेचना में पूरा सहयोग करने, बिना न्यायालय की अनुमति के देश छोड़कर नहीं जाने और बुलाए जाने पर विवेचक के समक्ष उपस्थित होने आदि शर्ताें का पालन करने के आदेश दिए। शर्त का उल्लंघन करने पर जमानत तत्काल निरस्त करने के आदेश दिए।