बागेश्वर में परिजनों को समझाते डॉ. एलएस बृजवाल।
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जिला अस्पताल में सात माह की बच्ची की मौत पर परिजनों ने हंगामा काटा। उन्होंने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया। बाद में आला डॉक्टर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया।
मलखाढूंगरचा निवासी यशवंत सिंह ने अपनी सात माह की बेटी पायल को निमोनिया होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उसका उपचार चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार की सुबह उसको इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के 15 मिनट में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत से गुस्साए परिजनों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही करने और गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया। हंगामा होने पर प्रभारी सीएमएस एलएस बृजवाल मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की तबीयत पहले भी खराब थी। वह पहले भी भर्ती हुई थी। फिर से तबीयत बिगड़ने पर उसको जिला अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों के मुताबिक निमोनिया से बच्ची के लंग्स ज्यादा सिकुड़ गए थे जिसकी वजह से वह सांस लेने में दिक्कत हुई और मौत हो गई। काफी देर तक जद्दोजेहद के बाद परिजन मान गए। फिलहाल घटना की कोई तहरीर नहीं दी गई है। डॉ. बृजवाल ने बताया कि परिजनों को समझा दिया गया है, इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है।