रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील के सुदूरवर्ती कुंवाली पागसानौगांव में तड़के शौच के लिए जा रहे ग्रामीण पर तेंदुए ने हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर बचाव के लिए आए पांच अन्य ग्रामीणों को भी तेंदुए ने घायल कर दिया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को यहां राजकीय अस्पताल लाया गया। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को हल्द्वानी रेफर किया गया है। बताया गया कि तेंदुआ सोमवार की शाम गांव में एक निर्माणाधीन भवन के अंदर छुपा था।
पागसा नौगांव निवासी चंदन नेगी तड़के छह बजे शौच के लिए गए। जैसे ही वह निर्माणाधीन भवन के आगे से होकर गुजरे तो भवन के अंदर छुपे तेंदुए ने उन पर हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुनकर 55 वर्षीय आनंद बजेठा, 32 वर्षीय विजय बजेठा, 25 वर्षीय भूपेंद्र सिंह, 29 वर्षीय प्रमोद सिंह और 62 वर्षीय रणजीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए और चंदन को तेंदुए के चुंगल से छुड़ाया। तेंदुए ने उनको भी घायल कर दिया। आखिर तेंदुए को मैदान छोड़कर भागना पड़ा।
ग्रामीण सुबह साढ़े नौ बजे पांचों घायलों को रानीखेत राजकीय अस्पताल लाए। गंभीर रूप से घायल आनंद बजेठा और विजय बजेठा को हल्द्वानी रेफर कर दिया है। दोनों के सिरों में गंभीर पंजे के निशान हैं। बीच-बचाव की स्थिति में इधर उधर छिटकने से भूपेंद्र सिंह और प्रमोद बजेठा के पांव में फ्रैक्चर हो गया। इधर, घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। कांग्रेस के जिला महामंत्री भानु प्रकाश जोशी और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि दो साल पहले भी यहां तेंदुए ने हमला किया था, पिंजरा लगाने के बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आया था। अब पिछले एक माह से क्षेत्र में बदस्तूर आतंक चल रहा है, लेकिन वन विभाग को इससे कोई सरोकार नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद तेंदुए निर्माणाधीन भवन के अंदर चला गया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी है। अत्यधिक दूर होने के कारण देर शाम तक विभागीय टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। इधर सोमेश्वर के रेंजर बीएस बिष्ट का मोबाइल भी स्विच ऑफ था।
घंटों तक कंपकंपाते रहे घायल
रानीखेत। तेंदुए के हमले में घायल हुए ग्रामीण इस घटना से काफी भयभीत थे। अधिकांश घायलों की कंपकंपी दूर होने का नाम नहीं ले रही थी। भूपेंद्र सिंह और प्रमोद सिंह का कहना था कि पहली बार तेंदुए से आमना-सामना हुआ। शुक्र है कि जान बच गई। वन विभाग को इस सुदूरवर्ती क्षेत्र की सुध लेनी चाहिए। जंगली जानवरों से ग्रामीणों की रक्षा करना वन विभाग की जिम्मेदारी है।