बागेश्वर। आम लोगों को न्याय दिलाने के लिए अर्से से जिला स्तर तक कार्यरत विधिक सेवा प्राधिकरण का विकेंद्रीकरण अब गांवाें तक हो गया है। ग्राम सभा के स्तर पर ग्राम विधिक सेवा और सहायता केंद्र खोले जाएंगे। प्रत्येक गांव में पैरा लीगल वालेंटियर्स, कानूनी स्वयं सेवक नियुक्त किए जाएंगे। शनिवार को जिला जज ने साक्षात्कार के आधार पर 50 गांवों में 65 स्वयंसेवकों की नियुक्ति की।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने यहां इंडोर स्टेडियम में विधिक साक्षरता शिविर लगाया। इस मौके पर बागेश्वर ब्लाक के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक भी हुई। जिला जज डा. जीके शर्मा ने कहा कि ग्राम स्तर पर विधिक सेवाओं के विकेंद्रीकरण को प्रयास चल रहे हैं। राष्ट्रीय और प्रांतीय विधिक सेवा प्राधिकरणों के दिशा निर्देश के मुताबिक प्रत्येक ग्राम सभा में कानूनी स्वयं सेवक तैनात किए जाएंगे। इन्हें न्यायिक प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनके माध्यम से लोग अपने सभी तरह के अधिकार प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों चक्कर नहीं काटने पडे़ंगे। इस मौके पर ग्राम विधिक सेवा केंद्रों के कार्यालय ग्राम सभा के पंचायत घर अथवा जन मिलन केंद्र पर खोलने पर भी चर्चा हुई। जिला जज ने मौके पर ही साक्षात्कार लेकर 55 गांवों के लिए 65 पैरा लीगल वालेंटियरों का चयन किया। शेष गांवों में वालेंटियर नियुक्त करने के लिए बीडीओ और एसडीएम कार्यालय के माध्यम से आवेदन करने को कहा गया। जिला जज ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने में छात्रों की भूमिका पर चर्चा की, महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस मौके पर सिविल जज जूनियर डिवीजन नेहा कुशवाहा, बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद भट्ट, एसडीएम फींचाराम चौहान, बीडीओ संगीता आर्या, ब्लाक प्रमुख रेखा खेतवाल, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक जितेंद्र तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीवी सिंह, एडवोकेट गाेंविंद बल्लभ उपाध्याय आदि उपस्थित थे।