बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के दौरान मिलावटी खाद्य वस्तुओं पर अंकुश लगाने को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने ताबड़तोड़ छापे मारे। मेले की कई दुकानों में बासी खाद्य सामग्री नष्ट की। कई व्यापारियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जिलाधिकारी बीएस मनराल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने मेले में बाहर के व्यापारियों द्वारा लगाई गई खाने-पीने की दुकानों में छापे मारे। उन्होंने कुछ दुकानों में रखी बासी और गुणवत्ता रहित सामग्री को नष्ट कराया। संबंधित दुकानदारों को भविष्य में ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में पुनरावृत्ति होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस दौरान मेला क्षेत्र में स्टालों, मिठाई की दुकानों और जलपान कें द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने ने ताजा खाद्य सामग्री ही बेचने और उसे ढककर रखने की हिदायत दी।
अब शराब भी खाद्य पदार्थों की श्रेणी में
बागेश्वर। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश टम्टा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देंशों के मुताबिक अब सभी एल्कोहलिक पदार्थों को भी खाद्य पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है। अब सभी मदिरा प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा विभाग से भी लाइसेंस लेना होगा। विभाग ने बागेश्वर जिले के मदिरा व्यवसाय के आंकड़े एकत्र कर लिए हैं। प्रत्येक प्रतिष्ठान का लाइसेंस चार फरवरी तक अनिवार्य रूप से बनना है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर दुकानों और बारों का निरीक्षण करेगा। उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त सुरक्षित एलकोहलिक पेय ही उपलब्ध होंगे।