बागेश्वर। स्वैप के तहत गठित पेयजल और स्वच्छता समितियों के सदस्यों को ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया।
स्वजल परियोजना में कार्यालय में प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय पेयजल कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। सामुदायिक विषय विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के उद्देश्य, नियोजन, क्रियान्वयन संचालन और रखरखाव के तरीके बताए। सदस्यों को बताया गया कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम समुदाय आधारित है। जिसमें स्वजल परियोजना, जल निगम और जल संस्थान की बराबर की भूमिका है। स्वजल के सहयोग से समुदायाें के क्षमता विकास का काम होता है। बर्षा जल के संग्रहण और टैंक निर्माण का काम होता है। सामुदायिक विषय विशेषज्ञ गिरिजा शंकर भट्ट और पर्यावरण विशेषज्ञ रेनू धपोला ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।
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बरसाती पानी के लिए 62 टैंक बनेंगे
बागेश्वर। प्रशिक्षकों ने बताया कि वर्तमान में बागेश्वर जिले में बरसाती पानी के संग्रहण को 62 टैंक बन रहे हैं। इनका निर्माण समुदायों के सहयोग से किया जा रहा है। अगले वित्त वर्ष में भी समुदायों के सहयोग से इतने ही टैंक बनेंगे।