बागेश्वर। गुरना के कूला रणचौरा गांव निवासी 17 कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार शेरसिंह की मुंबई में बीमारी के कारण मृत्यु हो गई। सोमवार को सरयू घाट पर सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सूबेदार शेरसिंह की पार्थिव देेह को लेकर यहां पहुंचे सैन्य कर्मियों ने बताया कि वह मुंबई में कार्यरत थे। कैंसर की शिकायत होने पर उनका इलाज चल रहा था। दो दिन पहले उनकी मृत्यु हो गई। सोमवार की सुबह उनकी पार्थिव देह को सीधे यहां लाया गया। सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी। सरयू घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। उनके इकलौते पुत्र 15 वर्षीय मुकेश ने चिता को मुखाग्नि दी। वे अपने पीछे पुत्र के साथ ही वृद्धा मां और तीन पुत्रियां छोड़ गए हैं। एक पुत्री का विवाह हो गया है।