बागेश्वर। कांडा तहसील के सुदूरवर्ती बास्ती गांव के लिए निर्माणाधीन सनगाड़-बास्ती सड़क बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। चार किमी निर्माण के बाद कार्य ठप है। जहां कार्य हुआ भी है वह किसी भी मानक के अनुरूप नहीं बना है।
सनगाड़ से बास्ती गांव को जोड़ने के लिए सड़क की मांग 1977 में की गई। मार्ग के लिए कई बार आंदोलन किए गए। लंबे आंदोलन के बाद जिला योजना से मार्ग को मंजूरी मिली। विभाग ने 2008 में मार्ग का शिलान्यास करवाया। एक के बजाए दो ठेकेदारों द्वारा चार किमी मार्ग का निर्माण किया गया। इसके बाद भी मार्ग आज तक पूरा नहीं बन सका है। जो हिस्सा बना भी है वह चार सालों में खस्ता हाल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग के नाम पर ग्रामीणों के साथ मजाक किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मार्ग का स्थलीय निरीक्षण करने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मार्ग की दशा नहीं सुधरी तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। चेतावनी देने वालों में देव सिंह, सुंदर सिंह, तारा सिंह, प्रताप सिंह, कमल सिंह, रूप सिंह, पुष्पा देवी, भवानी देवी, मालती देवी, बसंती देवी तथा रमेश सिंह आदि शामिल हैं।