बागेश्वर। सरकारी भूमि पर कब्जा कर अवैध रूप से निर्माण करने के मामले में दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक महिला ने अवैध निर्माण को शीघ्र ध्वस्त करने की मांग को लेकर जहां तहसील में धरना दिया, वहीं दूसरे पक्ष ने कलक्ट्रेट में धरना देकर मामले की जांच की मांग के साथ ही कानूनी संरक्षण देने की मांग उठाई।
सोमवार को सैंज निवासी गीता पांडेय तहसील में धरने पर बैठ गईं। महिला का आरोप था कि जीवन सिंह द्वारा सरकारी भूमि में अवैध निर्माण एवं पाइप लाइन बिछाने की शिकायत की गई थी। तहसीलदार ने मामले की जांच की थी। इसके बाद भी केवल भूतल की दीवार आंशिक रूप से तोड़ी गई है। जबकि, कॉलम अभी तक नहीं हटाया गया है। छत के रास्ते में कॉलम के रहने से सिर में चोट लगने का खतरा बना हुआ है।
महिला ने कहा कि जब तक प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया जाता, धरना जारी रहेगा। तहसीलदार बीएस कुमल्टा ने महिला से वार्ता कर शीघ्र अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही महिला धरने से उठी।
उधर, दूसरे पक्ष के लोगों ने अवैध निर्माण मामले की जांच करने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। जीवन सिंह ने कहा कि तहसील प्रशासन के निर्देश के बाद उन्होंने अवैध निर्माण ढहा दिया है। इसके बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की जांच की मांग की। बाद में इस संबंध में डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। धरना देने वालों में जगदीश कार्की, प्रकाश कार्की, पूरन कार्की, लीला, हेमा, अनिल, गीता, मालती, आनंदी, कुंदन सिंह, अनीता आदि थे।