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सीवर लाइन निर्माण के लिए 8200 वर्ग मीटर भूमि हस्तांतरित

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8200 square meter land transferred for sewer line construction
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बागेश्वर। डीएम विनीत कुमार ने नगर में सीवर लाइन निर्माण के लिए भूमि का चिह्नीकरण करा नगर पालिका परिषद को 8200 वर्गमीटर भूमि हस्तांतरित कर दी है।
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डीएम ने बताया कि कठायतबाड़ा क्षेत्र में 1400 वर्गमीटर, तल्ला बिलौना क्षेत्र में 1400 वर्गमीटर, मेहनरबूंगा में 900 वर्गमीटर इस प्रकार श्रेणी 10(4) की 3700 वर्गमीटर की भूमि और श्रेणी 10 (1) की 4500 वर्गमीटर भूमि नगरपालिका को सीवर लाइन के निर्माण के लिए सशर्त हस्तांतरित की है। आवंटित भूमि का उपयोग शासन की अनुमोदित एवं स्वीकृत परियोजना के लिए निर्धारित समय में करना होगा।
आवंटित भूमि पर निर्माण करते समय वन संपदा को सुरक्षित रखने का दायित्व संबंधित विभाग का होगा। हस्तांतरित भूमि किसी अन्य प्रयोजन में उपयोग नहीं की जाएगी। यदि विभाग को हस्तांतरित भूमि तीन वर्ष तक निर्धारित परियोजना के लिए उपयोग में नहीं लाई जाती है तो वह स्वत: ही अपने मूल विभाग में निहित समझी जाएगी।
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जमीन भले ही आवंटित हो गई लेकिन सीवर लाइन अभी दूर की कौड़ी
बागेश्वर। नगर में सीवर लाइन एक बड़ा मुद्दा रहा है। इस मुद्दे को नेतागण हर चुनाव में उठाते हैं लेकिन 50 हजार की आबादी को सीवरेज की सुविधा नहीं मिल पाई। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने वर्ष 2017 में बागेश्वर में सीवर लाइन निर्माण की घोषणा की थी। यह घोषणा पूरी नहीं हो सकी है। सीवरेज सिस्टम के लिए पर्याप्त पानी की दरकार होती है। सीवर परियोजना को मंजूरी मिलने में पानी की कमी भी बाधक है। 50 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को 7.26 एमएलडी पानी की जरूरत है लेकिन मिलता है केवल 3.60 एमएलडी पानी। यानि जरूरत का आधा पानी भी नहीं मिल पा रहा है। अभी नगर के लिए मंडलसेरा, जखेड़ा समेत कई पेयजल योजनाओं का निर्माण हो रहा है, इन योजनाओं के निर्माण में कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा। संवाद
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सीवरेज सिस्टम के लिए 150 करोड़ रुपये की दरकार
बागेश्वर। पेयजल निगम के ईई सीपीएस गंगवार बताते हैं कि वर्ष 2017 में सीवर लाइन निर्माण के लिए शासन को 70 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। यह रकम स्वीकृत नहीं हो पाई। अब इसकी लागत बढ़कर 150 करोड़ रुपये हो गई है। शासन को संशोधित स्टीमेट भेजा जा रहा है। बताया कि सीवर लाइन निर्माण के लिए करीब 40 नाली निजी भूमि का भी आवंटन होना है। रकम मिलने के बाद निजी जमीन खरीदने की भी कार्यवाही होगी। संवाद
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