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प्रभारी तहसीलदार के भरोसे छह तहसीलों और एक उप तहसील की जिम्मेदारी

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बागेश्वर। शासन की उदासीनता के चलते लोगों को छोटी प्रशासनिक इकाईयों का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले की छह तहसीलों और एक उप तहसील को एक प्रभारी तहसीलदार के भरोसे चल रही हैं। तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के टोटा का खामियाजा क्षेत्र के लोगों भुगतना पड़ रहा हैं। लोगों के एक दिन में होने वाले काम में महीना दो महीना तक लग जा रहा है। उपर से समय और धन अलग से बर्बाद हो रहा है।

मालूम हो कि जिले में कुल छह तहसील और एक उप तहसील है। इनमें बागेश्वर, कपकोट, गरुड़, कांडा, काफलीगैर और दुग नाकुरी तहसील और शामा उप तहसील है। कांडा के प्रभारी तहसीलदार के पास ही सभी तहसीलों और उप तहसील की जिम्मेदारी है। तहसीलों में एक अदद नायब तहसीलदार तक नहीं हैं। तहसीलदारों का भारी टोटा होने से जहां सरकारी कामकाज और तमाम तरह की जांचें प्रभावित हो गई हैं। वहीं लोगों के आय, जाति और हैसियत समेत अन्य प्रमाण-पत्र भी लोगों को समय पर नहीं बन पा रहे हैं। जमीन की रजिस्ट्री का काम प्रभावित होने के साथ ही लोगों को खतौनी की नकल भी तहसीलदार के हस्ताक्षर से समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। एकमात्र तहसीलदार की स्थिति अकेेला नाई कहां कहां जाई वाली हो गई है। इसी तरह नायब तहसीलदार नहीं होने के कारण राजस्व क्षेत्र में होने वाले अपराधों की जांच समेत अन्य मामलों की जांच प्रभावित हो गई हैं।
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दुगनाकुरी और काफलीगैर तहसील में एसडीएम के पद सृजित नहीं
बागेश्वर। दुग नाकुरी और काफलीगैर तहसील के निर्माण को दस साल से भी अधिक का समय हो गया है। काफलीगैर में कार्यालय और आवासीय भवन बनकर तैयार है जबकि दुग नाकुरी के भवन निर्माणाधीन चल रहे हैं। लेकिन आज तक इन दोनों तहसीलों में एसडीएम के पद सृजित नहीं हो पाए हैं। इनका काम बागेश्वर के एसडीएम आ जाकर देखते हैं। उनकेे पास अपनी ही तहसील का काम अधिक होने के कारण वह इन तहसीलों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। तहसील बनने के बाद भी इस क्षेत्र के लोगों तहसील संबंधी कार्यों के लिए किए बागेश्वर आना पड़ रहा है।

लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बागेश्वर। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने शासन से तहसीलों में शीघ्र एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की तैनाती करने की मांग की है। उन्होंने मांग शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में जन संघर्ष समिति कठपुड़ियाछीना के अध्यक्ष नरेंद्र रावत, दुग नाकुरी तहसील विकास समिति के अध्यक्ष गौरी दत्त जोशी, सचिव धन सिंह भौर्याल, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी, ग्राम प्रधान बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्य शामिल हैं।

कोट
तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की शीघ्र तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। उम्मीद है कि शासन शीघ्र ही तैनाती करेगा। - रंजना राजगुरु, जिलाधिकारी बागेश्वर।
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विधायकों ने शासन को भेजा पत्र
बागेश्वर के विधायक चंदन राम दास और कपकोट के बलवंत भौर्याल का कहना है कि तहसीलों में तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, दुग नाकुरी और काफलीगैर तहसील में एसडीएम की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शासन से समस्या का जल्द ही समाधान करने की मांग की गई है।
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