बागेश्वर। अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव में पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम जारी है। बुधवार को भी दिन भर पत्थर गिरते रहे। टैंटों में रह रहे आपदा पीड़ितों को बारिश और खराब मौसम के कारण मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं।
कुंवारी में विगत 10 मार्च को दरकी पहाड़ी से भूस्खलन का क्रम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को मौसम भी खराब हो गया। क्षेत्र में बारिश होने से आपदा पीड़ितों की परेशानी और अधिक बढ़ गई। ग्रामीणों को दिन भर टैंटों में ही दुबककर रहना पड़ा। कपकोट के एसडीएम रवींद्र बिष्ट ने बताया कि कुंवारी गांव के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में अभी भी रुक-रुक कर मलबा गिर रहा है। आपदा प्रभावितों के लिए राशन सहित अन्य जरूरी सामान पर्याप्त मात्रा में रखा गया है। छह सितंबर तक का राशन वहां पहुंच चुका है। 33 क्विंटल चावल व गेहूं तीन क्विंटल आटा भी गांव में भेजा गया है।
स्थायी पुनर्वास के लिए फल्यांटी में देखी जाएगी जमीन
बागेश्वर। पहाड़ी खिसकने से खतरे की जद में आए कुंवारी गांव के 30 परिवारों के अस्थायी विस्थापन के लिए प्रशासन ने भेड़ प्रजनन केंद्र की जमीन का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको जल्दी ही शासन के भेजा जाएगा। अब प्रशासन कुंवारी के सभी आपदा प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास के लिए जमीन तलाशने में जुट गया है।
एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि कुंवारी गांव के आपदा प्रभावितों का शीघ्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास जरूरी है। दुगनाकुरी क्षेत्र के फल्यांटी में जमीन उपलब्ध है। शीघ्र वहां का दौरा कर जमीन देखी जाएगी। यदि प्रस्तावित स्थल उपयुक्त मिला तो प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।