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डिग्री कॉलेज के अतिथि प्राध्यापकों का कार्य का बहिष्कार

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बागेश्वर। महाविद्यालयों में प्राध्यापकों के रिक्त पदों को लोक सेवा आयोग से भरे जाने से अतिथि प्राध्यापक भड़क गए हैं। सोमवार को प्राध्यापकों ने इसके विरोध में शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। बाद में अतिथि प्राध्यापकों ने उच्च शिक्षा निदेशक को संबोधित ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा।
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ज्ञापन में वर्तमान में कार्यरत अतिथि प्राध्यापकों ने मांग की है कि उन्हें आयोग की परिधि से बाहर रखा जाए। अतिथि प्राध्यापकों का कहना है कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया के कारण उनका भविष्य अंधकारमय हो गया है। अपने भविष्य को देखते हुए उन्हें कार्य बहिष्कार जैसा कदम उठाना पड़ रहा है। ज्ञापन भेजने वालों में डॉ. जीवन चंद्र उपाध्याय, योगेश चंद्र, लक्ष्मण सिंह देव, शंकर नाथ गोस्वामी, संजय तिवारी, डॉ. ललित सिंह, एल्वा मंड्रेले, डॉ. चंद्रकांता, कैलाश टम्टा, बीना आदि शामिल थे।

उधर, प्रदेश के महाविद्यालयों में तैनात किए गए अतिथि प्राध्यापकों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए एनएसयूआई ने सोमवार को कॉलेज गेट पर उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पूर्व की कांग्रेस सरकार ने सभी महाविद्यालयों में अतिथि प्राध्यापकों की नियुक्ति की थी। प्रदेश सरकार अब इन प्राध्यापकों को बेेरोजगार करने पर तुली हुई है।
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कहा कि यदि कार्यरत अतिथि प्राध्यापकों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। पुतला फूंकने वालों में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत रावत, भारतीय युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव कवि जोशी, जिलाध्यक्ष अंकुर उपाध्याय, नीरज सिंह बिष्ट, हरीश राठौर, कुलदीप मेहता, सौरभ नेगी, गोविंद कोरंगा, उज्ज्वल भट्ट, धीरज गड़िया, रोहित खैर, कमल, रवि कोश्यारी, गरिमा दानू आदि छात्र नेता शामिल थे।
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