राज्य की लाइफ लाइन कही जाने वाली 108 सेवा का अनुबंध सात मार्च को खत्म हो रहा है। नई कंपनी प्रदेश में एंबुलेंस सेवा शुरू करेगी। लेकिन, 108 सेवा में कार्यरत 800 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
प्रदेश में जीवीके ईएमआरआई कंपनी 108 सेवा संचालित कर रही थी। कंपनी की बागेश्वर जिले में पांच एंबुलेंस व तीन खुशियों की सवारी चल रही थीं। इनमें 27 कर्मचारी कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी आगामी सात मार्च से प्रदेश में 108 सेवा बंद करने जा रही है। इसके स्थान पर कैंप नाम की दूसरी कंपनी आ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी के शासन काल में शुरू हुई यह योजना काफी चर्चित रही थी। हालांकि हाल के दिनों में लचर सेवा के चलते लोगों की किरकिरी का भी सामना करना पड़ा था। कंपनी ने वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के नोटिस भेजे हैं। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने बताया कि अनुबंध खत्म होने की सूचना मिली है। जिले में जो भी कंपनी आएगी उससे पूरी सेवा ली जाएगी।
कई दिनों से बंद हैं एंबुलेंस सेवा
बागेश्वर। जिले में एंबुलेंस सेवा कई दिनों से चरमरा रही है। पांच में से चार एंबुलेंस नियमित सेवा देने में नाकाम हैं। कुछ स्थानों में खुशियों की सवारी भी काम नहीं कर रही है।
ये है हाल
- रीमा एंबुलेंस- स्टेयरिंग खराब होने से बंद
- कांडा एंबुलेंस- रात में बंद
- कपकोट एंबुलेंस- 80 किमी का तेल बाकी
- गरुड़ एंबुलेंस- पांच किमी की परिधि तक सेवा
- बागेश्वर खुशियों की सवारी- बंद
108 की राज्य में स्थिति
- कुल एंबुलेंस- 137
- खुशियों की सवारी- 97
- तैनात कर्मचारी- 800
आगामी सात मार्च से जीवीके कंपनी का करार खत्म हो रहा है। केंप नाम की कंपनी इसे संचालित करेगी। कुछ कर्मचारियों को नोटिस भेजे गए हैं। नई कंपनी फील्ड स्टाफ को अपने साथ रखेगी ऐसी उम्मीद है। - रजत उनियाल, जिला प्रभारी 108