बागेश्वर। जिले में शुक्रवार की रात बारिश और शनिवार दिन में तेज धूप खिली रही। बारिश के दौरान मलबा आने से कपकोट क्षेत्र की आठ सड़काें पर यातायात बाधित रहा। शनिवार शाम तक पांच सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सुचारू हो गई थी। तीन सड़कों को नहीं खोला जा सका।
शुक्रवार की रात को जिला मुख्यालय से लेकर सभी तहसील क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। कपकोट विकासखंड में 74 मिमी, बागेश्वर में 22 मिमी और कपकोट में 18 मिमी मेघ बरसे। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार बारिश के दौरान भयेड़ी निवासी भुवन चंद्र जोशी पुत्र जय बल्लभ जोशी का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।
कपकोट तहसील क्षेत्र की दूणी-सुकंडा, हरसीला-पुड़कूनी, हरसीला-सीमा, कपकोट-कर्मी, बनलेख-गणुवासिरमोली, कपकोट-पोलिंग-हरसीला, सनेती-दियाली कुरौली और चेटाबगड़ सड़क मलबा गिरने से बंद हो गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बंद सड़काें को खोलने का काम चल रहा है। जल्द सभी सड़कों पर यातायात सुचारू करवा दिया जाएगा।
सड़कों में गिरे पेड़ हटाकर सुचारू किया यातायात
बागेश्वर/कांडा। फायर स्टेशन की टीम ने मोहननगर-तुनेड़ा सड़क और कांडा पुलिस ने बागेश्वर-पिथौरागढ़ राजमार्ग पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया। पेड़ गिरने से बाधित यातायात सुचारू किया।
शनिवार सुबह फायर स्टेशन की टीम को सूचना मिली कि मोहननगर-तुनेड़ा सड़क पर एक चीड़ का पेड़ गिरा है और यातायात बाधित हो गया है। फायर सर्विस टीम ने पेड़ को छोटेकाटकर सड़क से किनारे किया। पेड़ हटने के बाद मार्ग पर यातायात सुचारू हुआ। कांडा पुलिस को सूचना मिली कि बागेश्वर-पिथौरागढ़ राजमार्ग पर कांडा से विजयपुर के बीच एक चीड़ का पेड़ सड़क पर गिरा है जिससे आवाजाही बंद है। उपनिरीक्षक हरीश लाल के नेतृत्व में टीम ने पेड़ को काटकर यातायात सुचारू किया। संवाद