बागेश्वर। आपदा की मार से और छह परिवार बेघर हो गए हैं। बदियाकोट में भूस्खलन के चलते इन परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। जिले भर में आपदा से 10 मकानों को भारी नुकसान हुआ। जबकि दो मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हो गए। बघर में तिमंजिला मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद मलबे में दबकर चार मवेशियों की मौत हो गई।
शुक्रवार को कपकोट तहसील के बदियाकोट में भारी बारिश के बीच पहाड़ी से भूस्खलन हुआ। भूस्खलन से आया मलबा ग्रामीणों के घरों पर पसर गया। छह ग्रामीणों के मकानों में मलबा भर गया। ग्रामीण घरों से भागकर मलबे की चपेट में आने से बचे। खतरे को देखते हुए छह परिवारों ने घर छोड़ दिया है। इनमें रूप सिंह, केसर सिंह, प्रताप सिंह, भरत सिंह, दीपक सिंह, पुष्कर सिंह शामिल हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से जल्द मुआवजे और राहत की मांग की है।
दूसरी ओर बघर में राजेंद्र सिंह का तिमंजिला मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार वालों ने घर से बाहर भागकर जान बचाई। मलबे में दबकर दो दुधारू गाय और एक जोड़ी बैल मारे गए। नानकन्यालीकोट निवासी प्रताप सिंह का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चार सदस्यीय परिवार खतरे के बीच क्षतिग्रस्त मकान में रह रहा है। चचई में खुशाल राम का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चार सदस्यीय परिवार खतरे के बीच है। इधर, काफलीगैर तहसील के पगना में प्रताप सिंह का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यहां भी पांच सदस्यीय परिवार खतरे के बीच क्षतिग्रस्त मकान में रह रहा है। खांकर के नंदन सिंह और छाना के कुंवर सिंह के मकान को आंशिक नुकसान हुआ है। आपदा की सूचना पर राजस्व कर्मियों ने मौका मुआयना कर नुकसान का आकलन किया।
तीसरे सप्ताह भी सड़कें बंद रहने से बढ़ी मुश्किलें
बागेश्वर। जिले में सात सड़कें लगातार तीसरे सप्ताह भी बंद रही। लगातार सड़कें बंद रहने से ग्रामीण अंचलों की मुश्किलें और बढ़ गई। उन्हें आवाजाही में तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जिले भर में बंद 12 सड़कों ने 32 हजार की आबादी को यातायात से वंचित रखा।
शुक्रवार को भी कपकोट-पिंडारी, बागेश्वर-दफौट, भयू-गडेरा, कपकोट-पोलिंग, धरमघर-सनगाड़, हरसिला-पुड़कुनी, कपकोट-कर्मी, पोथिंग-भगवती मंदिर, शामा-लीती, बागेश्वर-कपकोट, धरमघर-माजखेत, शामा-नौकुड़ी मोटर मार्ग बंद रहे। इनमें से सात सड़कें लगातार तीसरे सप्ताह भी बंद रही। इन सड़कों के लगातार बंद रहने से ग्रामीणों की दिक्कतें बढ़ गई। ग्रामीण अंचलों का एकदूसरे से सीधा संपर्क ध्वस्त रहा। ग्रामीण रोजाना की जरुरतों के लिए आवाजाही नहीं कर पाए। हालांकि जरुरी हालातों में उन्हें कई किमी पैदल दूरी भी नापनी पड़ी।
ठप रही दो पेयजल योजनाएं
बागेश्वर। आपदा की मार से दो पेयजल योजना ठप रही। इससे प्रभावित क्षेत्रों में आपूर्ति नहीं हो पाई। कठायतबाड़ा नगरीय पेयजल योजना के साथ ही जखेड़ा पेयजल योजना को नदी के उफान से भारी नुकसान हुआ है। ईई नंद किशोर ने बताया कि क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत की जा रही है।