बागेश्वर। जिले में बिजली से वंचित 200 से अधिक गांव विद्युतीकरण की राह देख रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद भी इन गांवों तक बिजली नहीं पहुंच पाई है। यूपीसीएल बेहद धीमी गति से काम कर रहा है। इससे दिसंबर 2018 में सभी को बिजली देने का लक्ष्य पूरा होने पर सवालिया निशान लग गए हैं। डीएम ने यूपीसीएल की गति पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने विभाग की प्रगति रिपोर्ट तलब करतेे हुए काम में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।
डीएम रंजना राजगुरु ने मंगलवार शाम को कलक्ट्रेट सभागार में यूपीसीएल के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, आईपीडीएस, सौभाग्य योजना के साथ ही विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ताओं की शिकायतों के संबंध में जानकारी हासिल की। पाया गया कि वंचितों के विद्युतीकरण का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। काम की यही गति रही तो तय समय के भीतर सभी को बिजली नहीं मिल पाएगी।
इस ढिलाई पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मानसून सत्र के दौरान तहसील कपकोट को छोड़कर तहसील कांडा, बागेश्वर, गरुड़, काफलीगैर में जल्द से जल्द विद्युतीकरण कर कनेक्शन देने के निर्देश जारी किए। डीएस ने यूपीसीएल अधिकारियों से विद्युतीकरण को लेकर प्रगति रिपोर्ट भी तलब की। विद्युत शिकायत केंद्र पर अनुभवी कर्मचारी की तैनाती करने के निर्देश दिए। शराब पीकर ड्यूटी पर आने वाले कर्मचारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने को कहा। वहां एसएसएस पांगती, ईई भाष्करानंद पांडे, सहायक अभियंता आनंद खोलिया, राजेंद्र सिंह शाही, जीवन चंद्र जोशी आदि थे।
मानसून में कटौती से बचने के निर्देश
बागेश्वर। मानसून में बिजली का घंटों गुल रहना आम बात है। इस सीजन में अघोषित कटौती का समय बढ़ जाता है। मौसम की मार से लाइनें क्षतिग्रस्त हुई तो मरम्मत में समय लगता है। मौसम की मार के साथ बिजली गुल रहने से मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं। इसे देखते हुए डीएम ने यूपीसीएल को कटौती से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर, पोल और लाइनों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा।