बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने जिले के विभिन्न हिस्सों में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों में मिली जन शिकायतों, सरकार जनता के द्वार, अधिकारियों द्वारा चयनित ग्रामों में रात्रि विश्राम, भ्रमण के दौरान प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए समीक्षा बैठक की। डीएम ने सही जवाब न देने पर कई अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम राजगुरु ने विभागवार शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बैठक में मौजूद अधिकारियों द्वारा सही जानकारी न देने, कार्यों में लापरवाही बरतने पर बीईओ से लेकर सीईओ तक, लोनिवि, लघु डाल खंड के ईई के वेतन रोकने के निर्देश दिए। कहा कि कार्यशैली में सुधार आने तक शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी का अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरण नहीं किया जाएगा। अंतिम चेतावनी दी कि यदि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो उनके विरुद्ध नियमानुसार प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। बताया कि वर्ष 2017-18 में जिले के प्रभारी मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में विकासखंड कपकोट, गरुड़ के रामलीला मैदान में जबकि 23 अप्रैल को खुद उनकी अध्यक्षता में राइंका स्यांकोट में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों में कुल 33 शिकायतें मिलीं, इनमें से 27 का निस्तारण हुआ। अधिकारियों को अवशेष शिकायतों का निस्तारण शीघ्र करने के निर्देश दिए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों से सभी शिकायतों को 10 दिन के भीतर निस्तारित कर अवगत कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने को कहा। लापरवाही बरतने पर क्षमा नहीं किया जाएगा। अगली बैठक में पूर्ण तैयारी के साथ आएं। सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत अधिकारी एक से 30 जून तक किसी भी दिवस पर चयनित ग्रामों का निरीक्षण एवं रात्रि भ्रमण कर सकते हैं। सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों को समय पर निस्तारित करने को कहा। वहां सीडीओ एसएसएस पांगती, एसडीएम बागेश्वर श्याम सिंह राणा, कपकोट रवींद्र सिंह, सीएमओ जेसी मंडल, डीएसओ जसवंत सिंह कंडारी, डीपीआरओ पूनम पाठक, महाप्रबंधक उद्योग बीसी पाठक, ग्रामोद्योग अधिकारी कल्याण सिंह आदि थे।
डीएम ने कई अधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए
डीएम रंजना राजगुरु ने विभिन्न हिस्सों में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविरों की समीक्षा की