बागेश्वर। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू करने को कहा। उन्होंने ब्लॉक, तहसील मुख्यालय के दूरस्थ गांव के विद्यालय को मानक मानते हुए सुगम और दुर्गम का निर्धारण करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री ने डीएम से 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से सूची शासन को उपलब्ध कराने को कहा। इस दौरान विद्यालयों में एनसीईआरटी की किताबें लागू करने और वार्षिक स्थानांतरण नीति के संबंध में चर्चा हुई। कहा कि एनसीईआरटी की किताबें छप चुकी हैं।
सभी स्कूलों में टीम बनाकर पुस्तक उपलब्ध करा दी जाएंगी। पुस्तकों का मूल्य निर्धारण एनसीईआरटी करेगी। इस दौरान डीएम रंजना राजगुरु, सीईओ हरीश चंद्र सिंह रावत, खंड शिक्षाधिकारी विजेंद्र जोशी, गरुड़ के खंड शिक्षा अधिकारी जीपी कुनियाल, उप शिक्षाधिकारी पूनम चौहान आदि मौजूद थे।