सीएम हरीश रावत ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेयजल, पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था एवं कृषि से संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। इस मौके पर डीएम ने बताया कि जनपद में सूखे से गेहूं का 7.5 प्रतिशत क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने जनपद में माह अक्तूबर व नवंबर में वारिश कम होने से फसलों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। जनपद में गेहूं की 16362 हेक्टेअर, जौ 1345 हेक्टेअर, चना 46 हेक्टेअर, मटर 14 हेक्टेअर, मसूर 1695 हेक्टेअर, लाही /सरसों 200 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बुवाई हो चुकी है। सूखे से गेहूं का 7.5 प्रतिशत क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। बीज के जमाव की स्थिति सामान्य है। कुछ स्रोतों में पानी का जलस्तर घटा है। जिसके समाधान के उपाय किए जा रहे हैं। जनपद में सामान्य परिस्थितियों में हरा चारा 2.92 लाख टन, सूखे चारे का 0.82 लाख टन उत्पादन हुआ है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में पैरा मिलट्री तथा सर्विस होल्डर्स के परिवार की किसी भी विभाग से संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जिला कार्यालय में एक काउंटर बनाकर अलग टेलीफोन नंबर आंवटित कर उनकी समस्याओं का पंजीकरण करने के निर्देश दिए। डीएम को स्वयं इसकी मानीटरिंग करने को कहा। उन्होेंने आपदा के पूर्ण कार्यों का उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश जिलाधिकारी को दिए। ठंड के मौसम में अलाव की व्यवस्था व कंबल वितरण करने को कहा। इस मौके पर एडीएम समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।